टुलोब्यूटेरोल का उपयोग
Tulobuterol का इस्तेमाल श्वास-रोग और क्रोनिक प्रतिरोधी फेफड़ा विकार (क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिसऑर्डर या सीओपीडी) में किया जाता है
टुलोब्यूटेरोल कैसे काम करता है
टुलोब्यूटेरोल फेफड़ों तक पहुंचने वाले वायु मार्गों को आराम पहुंचाकर और उन्हें खोलकर सांस लेना आसान बनाता है। टुलोबुटेरोल, ब्रोंकोडायलेटर नामक दवाओं की श्रेणी से सम्बन्ध रखता है। यह सांस लेने की तकलीफ से राहत दिलाने के लिए श्वास नलियों को बड़ा करता है जिससे अस्थमा और सीओपीडी से जुड़े लक्षणों से राहत मिलती है।
टुलोब्यूटेरोल के सामान्य दुष्प्रभाव
कंपन, सिर दर्द, बेचैनी, अनिद्रा, थरथराहट , पेशी में खिंचाव
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Read Our Editorial Policyटुलोब्यूटेरोल के लिए उपलब्ध दवा
टुलोब्यूटेरोल के लिए विशेषज्ञ की सलाह
- बताई हुई खुराक के अनुसार दिन में एक बाद ट्यूलोब्यूटरोल पैच को सीने, पीठ या ऊपरी भुजा पर लगाएं।
- ट्रांसडर्मल स्किन पैच का इस्तेमाल करने से पहले इस्तेमाल वाले हिस्से को साफ कर उसे सुखा लें।
- त्वचा की जलन से बचने के लिए हमेशा नए स्थान पर इसका इस्तेमाल करें।
- यदि आप मधुमेह, हाइपरटेंशन (उच्च रक्त चाप), हाइपरथायरॉयडिज्म (थायरॉयड हॉर्मोन के बढ़े स्तर), अटोपिक डर्मेटाइटिस (त्वचा की ऐलर्जी तथा सूजन) तथा हृदय रोग हो, जैसे कि अनियमित हृदय स्पंदन तथा मायोकार्डियल इंसफिशिएंसी (हृदय पेशी की कमजोर क्रिया) से पीड़ित हों तो अपने डॉक्टर को बताएं।
- यदि आपको अचानक सांस लेने में परेशानी (डिस्निया),तमतमाहट, ओठों और चहरे की सूजन (एंजियोडेमा) तथा त्वचा के चकत्ते (अर्टिकैरिया) हो तो चिकित्सीय उपचार लें।
- यदि आप गर्भवती हैं, या होने वाली हैं अथवा स्तनपान कराती हैं तो इसकी सूचना अपने डॉक्टर को दें।
- यदि आप ट्यूलोब्यूटरोल के प्रति या इसके किसी घटक के प्रति ऐलर्जिक हैं तो इसे न लें।
- यदि ऐड्रीनल ग्रंथियों के ट्यूमर (फीओक्रोमोसाइटोमा) से पीड़ित हैं तो इसे न लें।
- 6 महीने से कम आयु के शिशुओं को यह न दें।



