ड्युलॉक्सेटीन का उपयोग
Duloxetine का इस्तेमाल डिप्रेशन या उदासी , चिंता विकार, मधुमेही तंत्रिका रोग, fibromyalgia, न्यूरोपैथिक दर्द (नसों की क्षति के कारण दर्द) और stress urinary incontinence में किया जाता है
ड्युलॉक्सेटीन कैसे काम करता है
ड्युलॉक्सेटीन मस्तिष्क में रासायनिक संदेशवाहकों के स्तर को बढ़ाकर अवसाद में कमी लाता है, जिससे व्यक्ति के मूड को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
ड्युलॉक्सेटीन के सामान्य दुष्प्रभाव
उबकाई , सिर दर्द, सूखा मुँह, तंद्रा, चक्कर आना
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Read Our Editorial Policyड्युलॉक्सेटीन के लिए उपलब्ध दवा
ड्युलॉक्सेटीन के लिए विशेषज्ञ की सलाह
- ड्युलॉक्सेटीन को सिर्फ आपके डॉक्टर द्वारा बताए गए अनुसार ही लें। इसे अक्सर या लम्बे समय तक न लें।
- आपको ड्युलॉक्सेटीन को कम से कम 4 सप्ताह या उससे भी ज्यादा समय तक लेना पड़ सकता है, उसके बाद आप बेहतर महसूस करने लगेंगी।
- ड्युलॉक्सेटीन का इस्तेमाल करना बंद न करें जब तक डॉक्टर आपको ऐसा करने की सलाह नहीं देता। इससे साइड इफेक्ट्स होने की सम्भावना बढ़ सकती है।
- पेट ख़राब होने की सम्भावना को कम करने के लिए ड्युलॉक्सेटीन को भोजन के साथ लेना चाहिए।
- ड्युलॉक्सेटीनको लेने के बाद गाड़ी न चलाएं क्योंकि इससे उनींदापन, धुंधली दृष्टि, चक्कर और उलझन पैदा हो सकती है।
- ड्युलॉक्सेटीन के कारण आत्मघाती विचारों और व्यावहारिक परिवर्तनों का खतरा बढ़ सकता है।



